साथियों सभी नेताओ और सभी संघो के छठे वेतनमान पर प्रतिक्रिया के बाद और 1995 से लगातार हो रहे शोषण के बाद अब मेरा ऐसा मानना हे ।की सभी संघ और संघठनो के प्रांताध्यक्ष ने मिलकर cm साहब को स्पष्ट बता देना चाहिये की सर इन अधिकारी वर्ग ने हमेशा इस वर्ग के साथ धोका ही किया हे। अगर आप इस वर्ग को वाकई ईमानदारी से छ्ठा वेतनमान देना चाहते हो तो इसकी विसंगति रहित गड़ना 2006 से करके ही दिसम्बर 2015 की स्थि ति में आदेश प्रसारित करवा दो। अन्यथा सिर्फ नाम का छठा वेतनमान देने की कोई जरूरत नही हे। बहुत शोषण सह लिया दोस्तों । अगर देना हे तो पूरा लाभ दो अन्यथा कुछ मत दो।
-हबीबुल्ला खान वरिष्ठ
प्रांतीय उपाध्यक्ष शासकीय अध्यापक
संघठन संयुक्त मोर्चा (खरगोन)
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