सिहोर जिला की घटना के सन्दर्भ मे !
मध्य प्रदेश मे संविदा शिक्षको के साथ हो रहा अन्याय जिन्हे अल्प वेतन तो दिया ही जा रहा है साथ ही पोस्टिंग भी घर से 600km से 800km दूर है जिस कारण वे खास कर माहिलाए मुख्यमंत्री जी की भांजीया नौकरी छोड़ने को मजबूर है सिहोर मे जिन 4 संविदा शिक्षको को सेवा से प्रथक किया ये भी उसी कड़ी का हिस्सा है जब मुझे पता चला की सीहोर जिला मै 4 संविदा शिक्षको की सेवा प्रथक की गई है तो (क्योकी मेरा मूल निवास सीहोर जिला है ) मेने उनके बारे मे पता किया तो इनमे से दो के बारे मे पता चला की ये अन्य जिलो से यहाँ संविदा शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे निश्चित ही इन्होने नौकरी कम वेतन ओर घर से बहुत दूर होने के कारण छोड़ी है कमलेश तिवारी SSS-02 ने जहाँ कम वेतन होने के कारण संविदा शिक्षक की नौकरी को छोड़ कर एक प्राइवेट कम्पनी मे अच्छे वेतन मे नौकरी कर ली , वही रामनगर (काफ़ी इनटीरियर का गाँव ) जो की मेरे मामा जी का गाँव भी है वहा पदस्थ श्रीवास्तव मेम ने उनके ग्रह जिले से दूर होने के कारण एवं संविदा अवधी मे ट्रान्सफर या म्यूचुअल की व्यवस्था न होने के कारण नौकरी पर नही जा पाई , इसके अलावा दो अन्य संविदा शिक्षकाओ के बारे मे पता नही चल पाया पर उनकी भी लगभग यही समस्या होगी की घर से दूर 3 साल अल्प वेतन ओर म्यूचुअल या ट्रान्स्फर की व्यवस्था का न होना , क्योकी सतना मे जहाँ मे पदस्त हूँ यहा भी अन्य जिलो बालाघाट या सिवनी, शहडोल की कई महिला शिक्षकाओ ने अपनी नौकरी ज्वाइन करने के बाद मजबूरी मे छोड़ दी , इसी प्रकार सतना , रीवा , सीधी , जिले के कई होनहार संविदा शिक्षक साथियो ने यहाँ की संविदा शिक्षक की नौकरी को छोड़ कर उत्तरप्रदेश मे शिक्षक की नौकरी ज्वाइन कर ली अब तक मेरी जानकारी के सतना लोकल के 25 संविदा शिक्षक यहाँ की नौकरी छोड़ कर के उत्तरप्रदेश मे शिक्षक की नौकरी ज्वाइन कर लिये है। यह संख्या अधिक भी हो सकती है कम नही , 2013 के बाद से अभी तक कुल 2000 से अधिक संविदा शिक्षक विभिन्न कारणो से अपनी नौकरी को छोड़ चुके है , सोचिये यदि इसी प्रकार हमारे प्रदेश के प्रतिभावान युवा ये विभाग छोड़ कर अन्य प्राइवेट विभाग मे या अन्य जिलो मे जायेंगे तो केसे बनेगा स्वर्णिम मध्य प्रदेश , ओर एसे ही शिक्षक, शिक्षा विभाग से जाते रहे तो कम शिक्षको मे केसे आयेगी शिक्षा गुणवत्ता , हमे हमारे विभाग से युवाओ के पलायान को रोकना होगा !
मेरी सीहोर जिले के उनतीन महिला संविदा शिक्षकाओ के सन्दर्भ मे आज़ाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष भाई असलम शाह और जिला सचिव श्री विनय कुमार कन्नोजिया जी से बात हुई है , मेने उनसे कहा है की ये संविदा शिक्षकाए यदि आज़ाद टीम सीहोर से सम्पर्क करती है तो यथा संभव जो मदद हो सकती है कानूनी तौर पर अवश्य करते। कृपया इनकी मदद की जाए ओर उन्होंने पुरा भरोसा दिया है, इस संबंध मे भरत पटेल ,एवं जावेद खान जी की भी सहानुभूति सदा संविदा शिक्षको के साथ रही है ! आज़ाद अध्यापक संघ प्रत्येक अध्यापक एवं संविदा शिक्षक के साथ है !
संविदा शिक्षको की नौकरी छोड़ने की इन घटनाओ से ये स्पष्ट है कि प्रदेश मे संविदा शिक्षको के हालत कितने दयनीय है !
रकीब खान
संविदा शिक्षक एवं
आज़ाद अध्यापक संघ जिला सचिव जिला सतना
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