मनोहर प्रसाद दुबे अध्यापक संविदा शिक्षक संघ प्रतिनिधि संयुक्त मोर्चा एवम्
ब्रजेश कुमार शर्मा म.प्र.शासकीय अध्यापक संगठन प्रतिनिधि संयुक्त मोर्चा
अध्यापक संविदा संयुक्त मोर्चा म.प्र. द्वारा अध्यापकों से अपील की गई है कि अध्यापक हित मे सभी संगठनो एवम् अध्यापकों को संयुक्त रूप से प्रयास करने होंगे । जिस प्रकार से शासन के अधिकारियों द्वारा अध्यापकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है । वह निंदनीयहै । शिक्षा विभाग को अधिकारियो द्वारा एक प्रयोगशाला बना दिया गया है । जिससे नित नयी विसंगतियां उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बयान जारी करते हुए अपील की :
"साथियों।
** छटवां वेतनमान के आदेश विसंगति रहित शीघ्र जारी हो का प्रदेश के साथी संयुक्त रूप से करे प्रयास**
मंत्रालय व् डीपीआई में अध्यापक संविदा शिक्षक गुरूजी विरोधी जमे अधिकारी के खिलाफ सामूहिक छेड़े जंग।।
अंतरिम राहत तृतीय वार्षिक क़िस्त आदेश की नोट शीट
क्रमांक यू ओ क्र 09/1175/बी-3/4/20 दिनाक 4/1/2016
वित्त विभाग से अनुमोदित
और वित्त विभाग के यथा समय क़िस्त की फ़ाइल अनुमोदन उपरांत
स्कूल शिक्षा विभाग ने निकाइयों को आदेश जारी हेतु नोट शीट जारी की हे का
क्रमांक 46/20-1 दिनांक 12/1/2016
f-1-31/2013/20-p-2 हे।
दोनों निकाय में ।
सभी सम्बंधित विभागों की सहमति उपरांत दिनांक 12 जनवरी 2016 को आदेश जारी हेतु पहुँच चुकी हे।
किन्तु पंचायत एवम् ग्रामीण विकास विभाग एसीएस श्री मती अरुणा शर्मा ने नोट शीट पर टीप अंकित की हे की।
नगरीय प्रशासन विकास विभाग से आदेश जारी को।
देख कर पंचायत विभाग जारी करेगा।
अध्यापक संवर्ग से मंत्रालय में बेठे अधिकारी सौतेला व्यवहार कर रहे।
अब इनकी संख्या में कमी होती जा रही हे।
1 श्री डी डी अग्रवाल अयुक्त लोक शिक्षण 31 जनवरी सेवा नृवित
2 श्री मती अरुणा शर्मा एसीएस पंचायत विभाग
केंद्र सरकार में जनवरी माह में प्रतिनियुक्त पर पहुंची।
और गुरूजी साथियों की दुश्मन
श्री मती कलावती उइके के कारण 1997 से आज तक गुरूजी ठोकरे खा रहे हे।
अब
श्री एस आर मोहंती जी
के निशाने पर स्कूल विभाग व् अध्यापक संविदा गुरूजी हम लोग हे।
जो लगातार श्री मोहंती
अध्यापक विरोधी रहे है। व् हे
इनका तर्क हमेशा से रहा हे की।
अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन नही किया जा सकता।
इनके कारण छटवां वेतनमान में सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक के वेतन निर्धारण में विसंगति उतपन्न करना।
और अब आदेश को लेट करना
और हमारे नेतृत्व करता वरिष्ठ प्रतिनिधि को आदेश की जानकारी नही देना।
और उलठा नेतृत्व कर्ताओं से
कैसे आये
क्यों आये
अवकाश लेकर आये या नही
और हद तो यहा हे की
आदेश जारी की जानकारी
माननीय मुख्यमन्त्री से पूछने की कहे रहे हे।
साथियों वहा तो हमारे नेतृत्व कर्तव्यो श्रीं मनोहर प्रसाद दुबे व् उपस्थित साथियों ने मुह तोड़ जवाब दिया की
माननीय मुख्यमन्त्री जी से ही
मोबाइल लगाकर पूछे की
हम यहां क्यों और कैसे आये हे
पर श्री मोहंती जी अक्का बक्का रहे गए।
साथियों प्रदेश के कर्मचारियों के लिए जो आदेश लागु हे।
व् स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षकों को जो अवकाश लागु हे।
उक्त अवकाश
11 सितम्बर 2008 के राजपत्र में
अध्यापक संवर्ग के लिए लागु किये गए हे।
और ऐसे ही अधिकारियों के कारण गुरूजी को गुरूजी दिनांक से वरिष्ठा व् फ़ैल गुरूजी को 22/10/11 से संविदा नियुक्ति की फ़ाइल माननीय मंत्री जी के द्वारा प्रेषित पर आदेश नही हुए हे।
उक्त लाभ देने में अड़ंगा ड़ाल रहे हे।
साथियों ऐसे संवर्ग विरोधी अधिकारियों को हटाने का
सामूहिक विरोध करे।
जहां माननीय प्रधान मंत्री जी देश को विश्व गुरु स्थापित करने के प्रयास कर रहे।
वहीँ ऐसे अधिकारी शिक्षकों की उपस्थिति पर सन्दे उत्तपन्न कर रहे।
और m शिक्षा मित्र जेसी योजना लांच कर रहे।
बार बार निति नियम बदलकर ये अधिकारी
कार्य करने में बाधा व् मानसिक तनाव दे रहे।
और शिक्षकों को दोषी ठेराकर प्राइवेटिकरण करने की मंशा हे।
इनका ये पहला कारनामा नही।
श्री मोहंती स्कूल के पूर्व जिस विभाग में रहे वहां की स्थिति देखे।।
म.प्र. राज्य परिवहन बन्द किया
म.प्र. विधुत बोर्ड बन्द किया
म.प्र. लोक निर्माण विभाग बन्द किया
उक्त तीनो विभागों को प्रावेटिकरण कर
लाखो परिवार के लोगो का रोजगार छीना।।
साथियों अब देर न करे अन्यथा 04 नम्बर आप हम का हे।
अब
और 14 फरवरी को ऐसे अधिकारी का पुतला फूंके।
तक़ी आने वाले संकट से समय रहते बचा जा सके।
अपील
मनोहर प्रसाद दुबे अध्यापक संविदा शिक्षक संघ प्रतिनिधि संयुक्त मोर्चा।
ब्रजेश कुमार शर्मा म.प्र.शासकीय अध्यापक संगठन प्रतिनिधि संयुक्त मोर्चा
अध्यापक संविदा संयुक्त मोर्चा म.प्र."
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