अध्यापको के लिए केवल संघर्ष ही जीवन है
२७ जनवरी २०१६ को अध्यापक संयुक मोर्चा (म.प्र.शासकीय अध्यापक संघठन + अध्यापक संविदा शिक्षक संघ) ने म.प्र.शासकीय अध्यापक संगठन की अगुवाई में ज्ञापन दिया I ज्ञापन को प्रदेश स्तर पर मिली अभूतपूर्व सफलता ने अध्यापको के अन्य संघो की नीव हिला दी है I सबको यह पता चल गया कि पिछला अन्दोलन किसी एक संघ का न होकर प्रदेश के सभी संघो और सभी अध्यापको का सामूहिक प्रयाश था I जब से संयुक्त मोर्चा ने अपना कार्यक्रम शुरू किया है एक नए संघ का प्रयाश तो हमेशा की तरह शिव गुणगान कर कार्यक्रम को विफल करना बन गया है शायद उन्हें समझ आ गया है की पहले उनके पास पाने को बहुत कुछ था पर अब उन्हें भी बहुत कुछ खोना पड़ रहा है इसलिए बैचेनी स्वाभाविक है I पर आम अध्यापको के लिए यह तो साफ करने का कष्ट करे कि इतने सारे क्रांतिकारियों की फौज थी भाई आप लोगो की i कान्हा गायब हो गये कोई एक भी नहीं है क्या जो खुलकर अपना विरोध दर्ज करा सके I रात को कहते है कि निर्णायक आन्दोलन के लिए तैयार रहो और सुबह फिर राजनेताओ के पैर दबाने पहुच जाते है I कभी ६ फ़रवरी २०१६ बताते हो, कभी १० फ़रवरी २०१६ बताते हो, भाई क्या बात है जो आरोप आप लोग दुसरो पर लगते थे वह अब आप पर भी लग रहे है पिछले आन्दोलन में तो १८ फरवरी २०१३ से आन्दोलन शुरू हुआ था और आन्दोलन के दोरान ही २० फरवरी २०१३ को आदेश जारी हो गया था I फिर भी अध्यापको ने संघर्ष किया और सामान कम सामान वेतन तक के ऑर्डर तक पंहुचा दिया I पर आपके सारे शेर अचानक कौन सी गुफा में छुप गए है के वास्तव में शेर थे ही नहीं केवल ऊपर से खाल पहन राखी थी मिशन शिक्षा विभाग तो भूल ही गए हो I क्या मझधार में छोड़ने के लिए ही पैदा हुए थे आप लोग I
श्री ब्रजेश शर्मा जैसे इमानदार प्रांताध्यक्ष पर आरोप लगते थे बताओ कि कान्हा गई ट्रांसफर नीति , संविधा वेतन बढ़ोतरी की मांग , संविधा परिविक्षi अवधि कम करने की मांग और सबसे पहले शिक्षा विभाग की मांग I कुछ भी नहीं हुआ और शासन के गुणगान कर रहे हो ऊपर से दुसरो के आन्दोलन को विफल करने का निरर्थक प्रयाश i
अगर अब भी अध्यपको के लिए कुछ करना चाहते हो तो संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आकर संघर्ष करो तभी प्रदेश का आम अध्यापक आपको माफ़ कर पायेगा वरना कंही कुछ करने की हिम्मत दुबारा नहीं जुटा पाओगे I हमारा आह्वाह है कि प्रदेश के सभी संघ संयुक्त मोर्चा द्वारा किये जा रहे संघर्ष में शामिल होकर आम अध्यापको के हितार्थ काम करे।
म.प्र.शासकीय अध्यापक संग़ठन
बालाघाट...
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