न काहु से दोस्ती।।
न काहू से बेर।।
कर लो मिलकर जतन।।
हो न जाए देर।।
दोस्तों एकता की कोशिश पिछले दिनों परवान चढ़ चुकी है समस्त संघो से निवेदन भी किये जा चुके है और संयुक्त मोर्चे का सफलता पूर्वक गठन भी किया जा चूका है।
और इस एकता के पुनीत कार्य में लगभग 9 संघ जुड़ भी चुके है और हर संघ इस बार मिलकर कुछ कर दिखाने के जज्बे के साथ हाथो में हाथ लेकर संघर्ष करना चाहता है।
दोस्तों जिनको एकता में सम्मिलित होना था लगभग वो सभी मोर्चा ज्वाइन कर चुके है बाकी कुछ संघ यदि एकल प्रयास करना चाहते है तो मोर्चा चाहकर भी कुछ नही कर सकता क्युकी मोर्चे ने हर संभव प्रयास कर लिया है वो आप लोगो ने एकला चलो रे की तर्ज पर चलने वालो के स्टेटमेंट भी देख समझ लिए है।
इस बार का मोर्चा चूँकि उन समस्त कमजोर कड़ीयो को मजबूत कर आगे बढेगा जो पिछली बार टूट गई थी व जिसका पास मोर्चे को बांधकर नही रख सका मेरी स्टाइल में कहूँ तो इस बार मोर्चे में होगी दम क्युकी इस बार मोर्चे में होंगे आम अध्यापक साथीयो की उपस्थिति निर्णायक समिति व कई तरह की बाध्यताएं जो की पिछली बार मोर्चे में हमारी उपस्थिति के न होने के कारण नेतागिरी की भेंट चढ़ गई। और मोर्चे भंग हो गए।
आजतक हम वही सब करते रहे जो हमारे प्रतिनिधियों ने कहा लेकिन इस बार हम आम अध्यापक जो कहेंगे वही हमारे इमानदार प्रतिनधि करेंगे और आर पार का प्रयास कर ही दम लेंगे।
दोस्तों आप सभी जानते है की किसी भी एक संघ के बलबूते पर आज की विधमान समस्याए दूर नहीं हो सकती ऐसे में किसी संघ का एकला चलो की निति हमें लाभ तो नही और एक गर्त में ले जाने वाली होगी इसी एकला चलो की निति के कारण शासन प्रति दिन कोई न कोई आदेश कर हमारे अधिकारों का हनन कर रही है और यदि यही हाल रहा तो आगे भी हमारा ऐसे ही आर्थिक मानसिक शारीरिक शोषण होता रहेगा और नेता अपनी स्व-हित की मंशा हमें गुमराह कर पूरी करते रहेंगे।
इसी एकला चलो की निति के कारण आज किश्तों में वेतन मिल रहा है किश्तों में घोशनाए हो रही है किश्तों में आदेश जारी हो रहे है यहाँ तक की कई ऐसी सुविधाए जो अनार्थिक है उनका लाभ भी हमे नही दिया जा रहा है।
इस बार मोर्चा निम्नलिखित मांगो पर अपनी आर-पार की लड़ाई का शंख नाद करेगा-
1,शिक्षा विभाग में संविलियन।
2.विसंगति रहित वेतनमान।
3. ट्रांसफर निति।
4.संविदा अवधि कम व मानदेय में वृद्धि।
5.गुरूजी भाइयो को वरिष्ठता का लाभ व अन्य लाभ।
6.अनुकम्पा नियुक्ति नियमो का सरलीकरण।
7. व्यायाम,संगीत,प्रयोगशाला अध्यापको को प्रमोशन।
दोस्तों ये लड़ाई हम सभी की सामूहिक लड़ाई है और हम सभी इस लड़ाई को संयुक्त रूप से ही जीत सकते है अतः अपने अपने स्तर से सभी को संयुक्त होने हेतु दवाब डाले और अपनी जंग जीतकर अपने अधिकार प्राप्त करे।
संयुक्त मोर्चा अतिशीघ्र अपनी रणनीति जारी करेगा।
मुश्ताक खान
सदस्य
अध्यापक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश।
मोबाइल नंबर-9179613685
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